गया लाइव डेस्क। गयाजी के खिजरसराय में दलित महिला कांति देवी की हत्या से परिवार गम में डूबा है। इसी बीच पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। तस्वीर में मांझी चमचमाती नई कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। इसके बाद मुलाकात के दौरान की गई व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि शोकाकुल परिवार से मिलने के संवेदनशील मौके पर ऐसी विशेष व्यवस्था की जरूरत क्यों पड़ी। हालांकि, तस्वीर से यह स्पष्ट नहीं होता कि कुर्सी किसने लगवाई थी और इसके पीछे क्या कारण था।
हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे मांझी
खिजरसराय के भूईं टोली में कांति देवी की ईंट से वार कर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर घटना और परिवार की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा कीं।
एक तस्वीर ने खींचा लोगों का ध्यान
मांझी की साझा की गई तस्वीरों में एक फोटो खास तौर पर चर्चा में आ गई। इसमें केंद्रीय मंत्री नई और चमकदार कुर्सी पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मुलाकात के दौरान की गई व्यवस्था को लेकर तरह-तरह के सवाल उठने लगे। हत्या जैसी गंभीर घटना के बीच कुर्सी की तस्वीर चर्चा का अलग विषय बन गई है।
संवेदनशील मुलाकात में व्यवस्था पर बहस
पीड़ित परिवार से मिलने का उद्देश्य दुख साझा करना और परिजनों को सांत्वना देना होता है। ऐसे मौके पर जनप्रतिनिधियों के व्यवहार और मुलाकात की व्यवस्था पर भी लोगों की नजर रहती है। मांझी की तस्वीर को लेकर उठ रहे सवाल इसी संदर्भ में देखे जा रहे हैं। हालांकि, केवल तस्वीर के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि कुर्सी किसी विशेष वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत लगाई गई थी। इस संबंध में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
न्याय का सवाल अब भी सबसे अहम
कुर्सी वाली तस्वीर को लेकर चर्चा के बीच कांति देवी की हत्या का मामला सबसे गंभीर मुद्दा है। पीड़ित परिवार को न्याय मिले और घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो, यह सबसे महत्वपूर्ण है। अब यह देखना होगा कि तस्वीर को लेकर उठ रहे सवालों पर केंद्रीय मंत्री या उनके प्रतिनिधियों की ओर से कोई स्पष्टीकरण दिया जाता है या नहीं। फिलहाल, पीड़ित परिवार से मुलाकात की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर बहस का विषय बनी हुई है।
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