9 वाहन पकड़े, फिर कार्रवाई के बिना छोड़ने का मामला
पुलिस को मिली गुप्त सूचना में आरोप लगाया गया था कि कोयला लदे ओवरलोड वाहनों को छोड़ने के लिए दलाल के माध्यम से 4.50 लाख रुपए और प्राथमिकी दर्ज नहीं करने के लिए अलग से 30 हजार रुपए लिए गए। शिकायत के साथ ऑडियो और वीडियो/फोटो वायरल होने की बात भी सामने आई। आरोप था कि 19 सितंबर को रात करीब 2 से 5 बजे के बीच आमस सावकला टोल प्लाजा पर नौ ओवरलोड वाहन पकड़े गए, लेकिन उन्हें नियमानुसार कार्रवाई किए बिना छोड़ दिया गया।
वायरल रिकॉर्डिंग से लेकर स्टेशन डायरी तक खंगाली गई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, गयाजी से जांच कराई गई। जांच में ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो/फोटो, स्टेशन डायरी की प्रविष्टियों और संबंधित पदाधिकारियों के प्रतिवेदनों का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार कई ओवरलोड वाहनों को पकड़े जाने के बावजूद उनका नियमानुसार सत्यापन और विधिसम्मत कार्रवाई नहीं की गई। कुछ वाहनों को बिना समुचित कार्रवाई के छोड़े जाने से संबंधित तथ्य भी सामने आए।
थानाध्यक्ष और चौकीदार की भूमिका संदिग्ध
जांच में आमस थानाध्यक्ष धनंजय कुमार और चौकीदार रवि कुमार की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि ओवरलोड वाहनों को नियमानुसार कार्रवाई किए बिना छोड़ने से अनुचित लाभ पहुंचाए जाने की स्थिति बनी। पुलिस महकमे ने इस आचरण को गंभीर कदाचार, कर्तव्य के प्रति लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता से जुड़ा माना है।
निलंबन के साथ विभागीय कार्रवाई शुरू
उपलब्ध साक्ष्यों और जांच प्रतिवेदन के आधार पर धनंजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया रहेगा। वहीं चौकीदार रवि कुमार के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
आईजी का सख्त संदेश—अनियमितता बर्दाश्त नहीं
पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र, गयाजी ने स्पष्ट किया है कि पुलिसकर्मियों के कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कर्तव्यहीनता या अनुचित आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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