गया लाइव डेस्क। हिन्दी और मराठी सिनेमा के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। नाना पाटेकर की अभिनय कला और समाजसेवा के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए, डॉ. प्रेम कुमार ने इसे भारतीय सिनेमा और कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया।

  • नाना पाटेकर ने 1978 में फिल्म 'गमन' से अपने करियर की शुरुआत की थी।
  • उन्होंने 'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'अग्निसाक्षी' जैसी उल्लेखनीय फिल्मों में अद्वितीय प्रदर्शन किया।
  • उन्हें तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • वर्ष 2013 में उन्हें पद्मश्री से नवाज़ा गया।

नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा में शून्यता उत्पन्न हो गई है, और यह कला जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।

डॉ. प्रेम कुमार ने नाना पाटेकर को एक सशक्त अभिनेता और संवेदनशील समाजसेवी के रूप में याद किया, जिनका जीवन कला, संस्कृति और समाज सेवा के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार, प्रशंसकों, और समर्थकों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति दें।

नाना पाटेकर का निधन भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक युग का अंत है। उनके अभिनय और समाजसेवा के प्रति योगदान को सदैव याद किया जाएगा।