गया लाइव डेस्क। फल्गु नदी के जीर्णोद्धार और जल संरक्षण के लिए गया जिले में डीएम शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वन विभाग, जल संसाधन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक का उद्देश्य नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए जल ठहराव और भूजल स्तर को सुधारना था।

  • भारत सरकार के जल शक्ति मिशन के अंतर्गत आईआईटी रुड़की द्वारा फल्गु नदी का विस्तृत सर्वेक्षण कराया गया है।
  • नदी के किनारों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण का निर्देश दिया गया है जिससे हरित क्षेत्र का विकास हो सके।
  • गया, बोधगया और डोभी क्षेत्र में 123 खराब बोरवेल को वाटर रिचार्ज बोरवेल के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • जलजमाव वाले क्षेत्रों में सोख्ता निर्माण और सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की जाएगी।
  • आहर, पोखर और पइन की स्थिति का आकलन कर जल संरक्षण की दिशा में कार्य किया जाएगा।

जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फल्गु नदी के किनारों पर पौधरोपण और वर्षा जल संचयन के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।

बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि नदी के संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए एक समन्वित कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस पहल से गया जिले में जल संकट की समस्या का समाधान और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त और अन्य समाजसेवी भी बैठक में मौजूद थे, जिन्होंने इस दिशा में अपने सहयोग का आश्वासन दिया।