गया लाइव डेस्क। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गयाजी के धार्मिक, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने 3500 करोड़ रुपये की लागत से विष्णुपद कॉरिडोर और फल्गु नदी में सालभर पानी की व्यवस्था की योजना का ऐलान किया।

  • गयाजी को गल्फ देशों से जोड़ने की तैयारी, अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।
  • विष्णुपद कॉरिडोर के निर्माण पर 2500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • फल्गु नदी में पूरे वर्ष जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए 1000 करोड़ रुपये की योजना।
  • केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अगले महीने बिहार आएंगे, हवाई अड्डों की योजनाएं होंगी आगे।
  • बोधगया में 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश, औद्योगिक और पर्यटन विकास को बढ़ावा।
  • राज्य सरकार का फोकस शिक्षा और रोजगार पर, 700 मॉडल स्कूल और 'विद्यार्थी साथी' ऐप के जरिए शिक्षा को बढ़ावा।
  • 2030 तक एक करोड़ युवाओं को रोजगार और एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए पितृपक्ष मेला की व्यवस्था को और बेहतर बनाने की अपील की।

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि गयाजी में पितृपक्ष के दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता पर जोर दिया और गया-दिल्ली हवाई सेवा बढ़ाने की मांग की।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि गयाजी सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि आस्था, मोक्ष और ज्ञान की पवित्र भूमि है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और गयाजी रबर डैम के निर्माण की सराहना की।