गया लाइव डेस्क। गयाजी के विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में इस बार एक अनोखा उदाहरण सामने आया है, जिसमें विदेश में रह रहे अजय गुप्ता ने मोबाइल और वीडियो कॉल के जरिए अपने पूर्वजों का पिंडदान किया। यह घटना श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी और इसने दिखाया कि दूर रहकर भी धार्मिक कर्मकांड से जुड़ा जा सकता है।

  • अजय गुप्ता ने विदेश में रहते हुए वीडियो कॉल के माध्यम से गयाजी में पिंडदान की प्रक्रिया सम्पन्न की।
  • देवघाट पर पुरोहितों के निर्देशानुसार अजय गुप्ता ने ऑनलाइन माध्यम से पितृ कर्म में सहभागिता निभाई।
  • पुरोहितों ने बताया कि ऑनलाइन पिंडदान में जजमान का नाम और गोत्र लेकर ब्राह्मण को प्रतिनिधि बनाया जाता है।
  • यह प्रक्रिया श्रद्धालुओं के लिए भी कौतूहल का विषय बनी रही, जिन्होंने इसे देखने के लिए भीड़ लगाई।

पुरोहितों के अनुसार, ऑनलाइन पिंडदान में जजमान का नाम, गोत्र और उनका प्रतिनिधि महत्वपूर्ण होते हैं। यह प्रक्रिया श्रद्धा और विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न की जाती है।

इस घटना ने यह साबित किया है कि चाहे व्यक्ति विदेश में ही क्यों न हो, वह गयाजी में अपने पूर्वजों का पिंडदान पुरोहितों के माध्यम से कर सकता है। अजय गुप्ता के इस कदम ने उन लोगों के लिए एक नया रास्ता खोला है जो किसी कारणवश गयाजी नहीं पहुंच सकते। धार्मिक कर्तव्यों के प्रति यह श्रद्धा और समर्पण का उदाहरण है।