गया लाइव डेस्क। गयाजी में पितृपक्ष के अंतिम दिन पूर्व डिप्टी मेयर अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने फल्गु नदी के देवघाट पर अपने पितरों का विधिपूर्वक जल तर्पण किया। इस पावन अवसर पर गयाजी के मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान भी उपस्थित रहे।

  • पितृपक्ष के मौके पर देश-विदेश से श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं।
  • मोहन श्रीवास्तव ने 51 ब्राह्मणों को भोज कराकर पितरों की शांति और मोक्ष की कामना की।
  • पितरों का स्मरण और तर्पण सनातन परंपरा का अभिन्न अंग है।
  • गयाजी की पावन भूमि पर धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है।

महत्वपूर्ण निर्देश: पितरों का तर्पण और दान-पुण्य हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, जो हमें अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।

मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि पितृपक्ष गयाजी की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है। यह परंपरा सदियों से लोगों को उनके पूर्वजों से जोड़ती आ रही है। उन्होंने ब्राह्मण भोज के माध्यम से अपनी श्रद्धा प्रकट की और इसे सनातन परंपराओं के निर्वहन का एक माध्यम बताया। गयाजी की धार्मिक महत्ता और पितृपक्ष की परंपरा लोगों के दिलों में विशेष स्थान रखती है।