गया लाइव डेस्क। आईआईएम बोधगया ने अपनी सीएसआर एवं सोशल इनोवेशन कमेटी 'प्रगति' के माध्यम से ग्रामीण शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। 'स्पर्श 2.0' पहल के तहत गया, बिहार के 10 ग्रामीण स्कूलों में 568 विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में सहायता मिल रही है। ग्लैड भारत फाउंडेशन और वेरिज़ोन इंडिया के सहयोग से संचालित यह पहल ग्रामीण समुदायों में शिक्षा की पहुँच को और व्यापक बना रही है।
- वर्ष 2024 में महुदार गाँव से शुरू हुई 'स्पर्श' पहल का 2026 तक गया के 10 गाँवों तक विस्तार।
- 568 विद्यार्थियों को शिक्षा में सहायता, जिसमें बुनियादी पढ़ने-लिखने और गणित की क्षमताओं पर विशेष ध्यान।
- आईआईएम बोधगया के विद्यार्थी स्वयंसेवक हर शनिवार को विशेष शिक्षण सत्र आयोजित कर रहे हैं।
- पहल का नेतृत्व प्रगति के अध्यक्ष प्रो. सुरेश के. जी. और सह-अध्यक्ष प्रो. अजित टॉम जेम्स कर रहे हैं।
- वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट (एएसईआर) 2024 के अनुसार, बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने की आवश्यकता है।
महत्वपूर्ण निर्देश: इस पहल के माध्यम से समुदाय के साथ जुड़कर आईआईएम बोधगया के विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
आईआईएम बोधगया की 'स्पर्श 2.0' पहल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सामुदायिक जुड़ाव का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। इस पहल से न केवल विद्यार्थियों को लाभ हो रहा है, बल्कि यह ग्रामीण समुदायों में शिक्षा की गुणवत्ता को भी बेहतर बना रही है।
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