गयाजी। जिले के सरकारी अस्पतालों में अब इलाज के साथ सर्जरी की सुविधाएं भी लगातार बढ़ाई जा रही हैं। ओपीडी सेवाओं के साथ विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन की व्यवस्था होने से मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों या बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत कम हो रही है। जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल (जेपीएन) सहित खिजरसराय, शेरघाटी और टिकारी अनुमंडलीय अस्पतालों में सर्जरी की संख्या बढ़ी है। हड्डी से जुड़ी सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध कराने की दिशा में काम चल रहा है।

एक दिन में हुए 13 ऑपरेशन

डीपीएम स्वास्थ्य नीलेश कुमार ने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को विभिन्न प्रकार की सर्जरी की सुविधा दी जा रही है। इनमें प्रसव के लिए सिजेरियन, हर्निया, अपेंडिक्स, बंध्याकरण, नसबंदी और हाइड्रोसील समेत कई ऑपरेशन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस माह की पहली तारीख को जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कुल 13 सर्जरी हुईं। सर्जरी सेवाओं का विस्तार कर मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

70 प्रकार तक की अनिवार्य सर्जरी की व्यवस्था

सिविल सर्जन डॉ. राजाराम प्रसाद ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जिला अस्पतालों में 36 से लेकर 70 प्रकार तक की अनिवार्य सर्जरी की सुविधा लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य मरीजों को अनावश्यक रूप से बड़े शहरों में रेफर होने से बचाना है।

जेपीएन सदर अस्पताल में हाइड्रोसील, हर्निया, अपेंडिक्स, पाइल्स, फिस्टुला, स्तन की गांठ और पित्त की थैली से संबंधित सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में सिजेरियन ऑपरेशन, गर्भाशय निकालने की सर्जरी, एक्टोपिक प्रेग्नेंसी और परिवार नियोजन से संबंधित ऑपरेशन भी किए जाएंगे।

मशीनें बढ़ेंगी, स्थानीय स्तर पर मिलेगा इलाज

स्वास्थ्य विभाग की ओर से सर्जरी सेवाओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक मशीनें और उपकरण उपलब्ध कराने पर भी काम किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन की सुविधाओं का दायरा बढ़ाकर मरीजों को घर के नजदीक बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। इससे मरीजों का समय और इलाज पर होने वाला अतिरिक्त खर्च दोनों बचने की उम्मीद है।