गया लाइव डेस्क। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने बिहार के गया में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत की राजनीति में बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और केवल वास्तविक भारतीय नागरिकों को ही मतदान और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
- मांझी ने स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया किसी व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि गलत नामों की पहचान कर उन्हें हटाने के लिए है।
- उन्होंने उल्लेख किया कि असम और पश्चिम बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्यों में बाहरी लोगों की संख्या बढ़ी है, जिससे स्थानीय राजनीति प्रभावित हो रही है।
- इंडी गठबंधन की चुनाव रद्द करने की मांग पर मांझी ने कहा कि नया SIR पूरा होने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
- जमुई मामले पर मांझी ने संवेदनशीलता के कारण ज्यादा टिप्पणी करने से परहेज किया और सोशल मीडिया पर बढ़ते प्रभाव की चर्चा की।
- मांझी ने पीत पत्रकारिता से सावधान रहने की सलाह दी, और लोगों से प्रमाणिक जानकारी पर ही विश्वास करने की अपील की।
मांझी ने आगाह किया कि सोशल मीडिया और यूट्यूब पर सनसनीखेज सामग्री से सतर्क रहना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने मतदाता सूची को शुद्ध करने और बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए SIR प्रक्रिया के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार सभी पहलुओं पर विचार कर उचित निर्णय लेने में सक्षम है।
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