गया लाइव डेस्क। मगध विश्वविद्यालय के कुल सचिव बीके मंगलम पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच, छात्र जदयू के अध्यक्ष उत्तम कुशवाहा ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कुलपति प्रो. डी.के. केसरी को सौंपे गए प्रतिवेदन में विश्वविद्यालय में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

  • मगध विश्वविद्यालय में लगभग ₹3.06 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला उठाया गया।
  • गया कॉलेज के एक कर्मचारी की लंबे समय तक अनुपस्थिति के बाद कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए।
  • कुलपति से एक सप्ताह के अंदर जांच समिति गठित कर रिपोर्ट तैयार करने की मांग की गई।
  • कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर जांच समिति गठन की आवश्यकता बताई गई।
  • अनशन की चेतावनी दी गई यदि जांच समिति का गठन और ठोस कार्रवाई नहीं होती है।

छात्र जदयू ने कहा कि विश्वविद्यालय में वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए।

उत्तम कुशवाहा का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य मगध विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं की सच्चाई सामने लाना और विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त मांगों का उद्देश्य किसी को दोषी ठहराना नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।