गया लाइव डेस्क। गया के बाराचट्टी जैसे नक्सल प्रभावित इलाके से निकलकर दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले अंकित कुमार की कहानी संघर्ष, मेहनत और माता-पिता के त्याग की अद्वितीय मिसाल है। सोमवार को आयोजित पंचम दीक्षांत समारोह में एमए हिंदी में गोल्ड मेडल प्राप्त कर अंकित ने अपनी सफलता की नई इबारत लिखी।
- बाराचट्टी के अंकित कुमार ने एमए हिंदी में गोल्ड मेडल हासिल किया।
- समारोह में 95 गोल्ड मेडल और 1662 डिग्रियां प्रदान की गईं।
- माता-पिता ने अपनी कमाई का हर कतरा अंकित की पढ़ाई पर खर्च किया।
- अंकित फिलहाल पटना में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
- अब उनका लक्ष्य असिस्टेंट प्रोफेसर बनना है।
महत्वपूर्ण: अंकित की उपलब्धि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।
अंकित कुमार ने कहा कि गांव से निकलकर शहर में अपनी पहचान बनाना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया, जिन्होंने उनकी पढ़ाई में सहयोग किया। अंकित की कहानी यह दर्शाती है कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत और समर्पण से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
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