- मंत्री ने जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार के साथ समीक्षा बैठक की।
- आवासन स्थलों पर सफाई, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
- मेला क्षेत्र और शहर में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही गई।
- स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई।
- पहली बार बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षा रिस्ट बैंड की व्यवस्था की गई, जिससे 12,000 से अधिक लोगों को लाभ मिला।
- AI आधारित भाषा अनुवाद सुविधा से 90,000 से अधिक तीर्थयात्री लाभान्वित हुए।
महत्वपूर्ण निर्देश: मंत्री ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को मेला क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की समीक्षा करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं और पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस वर्ष पितृपक्ष मेला 2026 में 40 लाख से अधिक तीर्थयात्री गया पहुंचे हैं। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है, जिससे राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की जा रही है। तकनीकी नवाचारों का उपयोग कर तीर्थयात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान की गई हैं। मंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि शेष अवधि में भी सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती रहें, ताकि हर तीर्थयात्री अपनी यात्रा को सुखद अनुभव के रूप में याद रखे।
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