गयाजी(अंजनी वर्मा)। शहर की पहचान से जुड़ी ऐतिहासिक राजेंद्र चौक टावर में लगी घड़ी एक बार फिर बंद हो गई है। टावर पर लगी घड़ी पिछले कई दिनों से बंद पड़ी है। खास बात यह है कि पिछले वर्ष पितृपक्ष मेला के दौरान नगर निगम की ओर से घड़ी को बदला गया था, लेकिन एक साल पूरा होने से पहले ही इसके बंद होने से इसकी गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं।
पितृपक्ष में कराया गया था घड़ी का बदलाव
राजेंद्र चौक टावर शहर के प्रमुख और पुराने स्थलों में शामिल है। चौक से दिनभर बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही होती है। टावर पर लगी घड़ी लंबे समय से शहरवासियों के लिए समय देखने का प्रमुख माध्यम रही है। पिछले वर्ष पितृपक्ष मेले के दौरान नगर निगम की ओर से टावर की घड़ी को बदलवाया गया था।
नई घड़ी लगाए जाने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक टावर की घड़ी सही समय बताएगी। लेकिन अब घड़ी के कई दिनों से बंद रहने से एक बार फिर पुराने हालात लौट आए हैं।
रखरखाव को लेकर उठ रहे सवाल
शहर के लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक और सार्वजनिक महत्व वाले स्थानों पर लगी ऐसी सुविधाओं का नियमित रखरखाव होना चाहिए। घड़ी बंद रहने से टावर की उपयोगिता प्रभावित होने के साथ शहर की छवि पर भी असर पड़ता है। खासकर पितृपक्ष मेला के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के प्रमुख स्थलों की व्यवस्था दुरुस्त रखना जरूरी माना जाता है।
लोगों ने नगर निगम से बंद पड़ी घड़ी की जल्द मरम्मत कराने या आवश्यकतानुसार उसे दोबारा चालू कराने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग उठ रही है कि पिछले वर्ष लगाई गई घड़ी एक साल भी ठीक से क्यों नहीं चल सकी, इसकी तकनीकी जांच कराई जाए।
मेले से पहले व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
पितृपक्ष मेला नजदीक होने के कारण शहर में तैयारियां तेज हैं। ऐसे में राजेंद्र चौक टावर की बंद घड़ी को लेकर भी लोगों का ध्यान गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेला शुरू होने से पहले टावर की घड़ी को चालू कराने के साथ इसकी नियमित निगरानी की व्यवस्था भी की जानी चाहिए, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
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