गया लाइव डेस्क। मोक्ष की पवित्र भूमि गयाजी में पितृपक्ष के दौरान न सिर्फ भारत बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपने पितरों की मुक्ति और आत्मा की शांति के लिए पहुंच रहे हैं। इस कड़ी में रूस से आईं पांच महिलाएं सनातनी परंपराओं में डूबी दिखीं।
- रूस से आईं ये महिलाएं गयाजी के देवघाट पर पहुंचीं और सनातन परंपरा के अनुसार पिंडदान किया।
- पुरानी भारतीय परंपराओं के प्रति उनका समर्पण और आस्था ने वहां उपस्थित श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया।
- इस्कॉन मंदिर से मिली जानकारी के अनुसार, इन महिलाओं को गयाजी की धार्मिक महत्ता के बारे में बताया गया था।
- भारतीय परंपराओं के प्रति विदेशी श्रद्धालुओं की बढ़ती रुचि का यह एक उदाहरण है।
महत्वपूर्ण निर्देश: इस लेख में किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत पहचान से संबंधित जानकारी प्रकाशित नहीं की गई है।
गयाजी की आध्यात्मिक पहचान और सनातन संस्कृति का आकर्षण अब विश्वभर में गूंज रहा है। फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, रूस समेत कई देशों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर भारतीय धार्मिक परंपराओं में भाग ले रहे हैं। इस प्रकार की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि आस्था और विश्वास की भावना देश और भाषा की सीमाओं से परे होती है।
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