गया लाइव डेस्क। शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की पुत्रवधू स्मिता ठाकरे ने पितृपक्ष के अवसर पर गयाजी में अपने ससुर और पिता का पिंडदान किया। वर्षों पुरानी इच्छा पूरी होने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया और सनातन परंपरा की महत्ता पर जोर दिया।
- स्मिता ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे और अपने पिता मधुकर चित्रे का गयाजी में पिंडदान किया।
- उन्होंने कहा कि वर्षों से गयाजी आने की इच्छा थी, जो अब पूरी हो गई है।
- सनातन परंपरा में गयाजी का पिंडदान और श्राद्ध विशेष महत्व रखते हैं।
- समाजसेवा को अपना कर्तव्य मानने वाली स्मिता ठाकरे ने सनातन संस्कृति के प्रचार पर जोर दिया।
- बिहार और महाराष्ट्र के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बताया।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश की सेवा ही ध्येय है।
- राजनीति में सीधे तौर पर सक्रिय नहीं होने की बात कही।
स्मिता ठाकरे ने गयाजी दौरे को संतोषजनक बताते हुए कहा कि वह पितरों के आशीर्वाद की कामना करती हैं। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के विचारों से प्रभावित होकर समाजसेवा और सनातन संस्कृति के प्रसार को अपना उद्देश्य बनाया है। राजनीति में सीधे तौर पर सक्रिय न होने की बात कहकर उन्होंने समाजसेवा को अपनी प्राथमिकता बताया।
Continue With Google
Comments (0)