12 फीट चौड़ी जगह में तीन मंजिला निर्माण का दावा
पिंक राज चक्रवर्ती के अनुसार प्रखंड कार्यालय के सामने करीब 12 फीट चौड़ी और 67 फीट लंबी जगह पर कथित रूप से तीन मंजिला मकान का निर्माण किया गया है। उनका दावा है कि जिस जगह पर निर्माण हुआ है, वह नाले और सार्वजनिक आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। निर्माण के कारण नाले के पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या और गंभीर होने की आशंका उन्होंने जताई।
एक महीने से आवेदन, नापी के बाद भी कार्रवाई नहीं
पिंक राज ने बताया कि समस्या को लेकर करीब एक महीने से एसडीओ और सीओ को लगातार आवेदन दिए जा रहे हैं। मोहल्ले के लोगों की ओर से भी सामूहिक शिकायत की गई थी। उनके अनुसार शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से जमीन की नापी भी कराई गई, लेकिन इसके बाद कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलता रहा, लेकिन अब तक मौके पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि सार्वजनिक रास्ते और जलनिकासी से जुड़े इस मामले का जल्द समाधान होना चाहिए।
‘ब्लॉक के सामने अतिक्रमण तो शहर में कार्रवाई कैसे?’
प्रेस वार्ता में उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रखंड कार्यालय के सामने ही नाले या सरकारी जमीन पर कथित निर्माण है तो शहर के दूसरे हिस्सों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने मामले में प्रभावशाली लोगों के संरक्षण का आरोप लगाया और पैसे के लेन-देन की आशंका भी जताई। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है।
प्रदीप कुमार सिंह और सुनील कुमार पर लगाया आरोप
पिंक राज चक्रवर्ती ने कथित अतिक्रमण के लिए प्रदीप कुमार सिंह और सुनील कुमार का नाम लिया। उन्होंने कहा कि निर्माण प्रखंड कार्यालय के सामने स्थित है। हालांकि, जमीन की वास्तविक प्रकृति और निर्माण की वैधता प्रशासनिक अभिलेख, नापी और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
7 अक्टूबर से अनशन की चेतावनी
पिंक राज ने कहा कि उन्होंने अनुमंडल कार्यालय को 7 अक्टूबर से अनशन पर बैठने की सूचना दे दी है। उन्होंने कहा कि जब तक कथित अतिक्रमण हटाकर रास्ता और नाले की जलनिकासी व्यवस्था मुक्त नहीं कराई जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने प्रशासन से दोबारा निष्पक्ष जांच और नापी कराने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि जांच में उनका स्वयं का कोई अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे हटाने की कार्रवाई का भी वह स्वागत करेंगे। अब पूरे मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर स्थानीय लोगों की नजर है।
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