गया लाइव डेस्क। गया जिले में बाल विवाह के खिलाफ जमीनी स्तर पर अभियान चला रहे 'प्रयास जैक' संस्था ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा 27 नवंबर को 'बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह की समाप्ति के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस' घोषित करने के ऐतिहासिक कदम का स्वागत किया है। यह कदम जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के अथक प्रयासों को वैश्विक मान्यता प्रदान करता है।
- जेआरसी लंबे समय से इस दिवस की मांग कर रहा था।
- संस्था ने स्कूलों, पंचायतों, और गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर बाल विवाह के खिलाफ लोगों को शपथ दिलाई है।
- संवेदनशील आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है।
- बाल विवाह के खिलाफ धर्मगुरुओं और शिक्षकों को शामिल कर इसे जन अभियान का रूप दिया गया है।
- संयुक्त राष्ट्र में इस पहल को सिएरा लियोन समेत 67 देशों का समर्थन मिला।
महत्वपूर्ण: बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है जिसका उन्मूलन सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। कानून के साथ-साथ जागरूकता और शिक्षा की भूमिका अहम है।
जेआरसी ने अपने सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर देश के 782 जिलों में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत 5,50,000 से अधिक बाल विवाह रुकवाए गए हैं। संस्था के जिला समन्वयक देवेन्द्र कुमार मिश्रा ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए सभी सहयोगियों को बधाई दी और इसे भारत के लिए गर्व का विषय बताया। 2024 में इसी दिन भारत सरकार ने 'बाल विवाह मुक्त भारत' अभियान की शुरुआत की थी, जो अब वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त कर चुका है।
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