मां बोलीं- शादी के बाद इलाहाबाद में करने लगा था काम
अरमान की मां ने बताया कि उसके बेटे की शादी इलाहाबाद में हुई थी। शादी के बाद वह वहीं रहकर काम करने लगा था। इसी दौरान वह गलत संगत में पड़ गया और गंभीर आपराधिक मामले में नाम आ गया। मां ने दावा किया कि उनका बेटा अपराधी नहीं है। यूपी पुलिस के साथ ले जाए जाने के बाद परिवार को उसकी सुरक्षा को लेकर डर सता रहा है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कार्रवाई कानून के मुताबिक होनी चाहिए।
पिता ने योगी सरकार से लगाई गुहार
अरमान के पिता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि यदि उनके बेटे ने कोई अपराध किया है तो न्यायालय से उसे सजा मिले, लेकिन उसके साथ कोई अनहोनी न हो। उन्होंने कहा कि परिवार को सबसे ज्यादा चिंता उसकी सुरक्षा को लेकर है।
अरमान के भाई ने आरोप लगाया कि परिवार को पर्याप्त जानकारी दिए बिना यूपी पुलिस उसे अपने साथ ले गई। उसने कहा कि परिवार कानून की प्रक्रिया पर भरोसा करता है, लेकिन एनकाउंटर की आशंका से सभी डरे हुए हैं।
30 सितंबर को जेल पहुंची थी प्रयागराज पुलिस
प्रयागराज पुलिस की टीम 30 सितंबर को गया सेंट्रल जेल पहुंची थी और जेल रिकॉर्ड के आधार पर अरमान की पहचान की प्रक्रिया पूरी की थी। रिपोर्टों के अनुसार उसकी तस्वीर और फिंगरप्रिंट भी लिए गए। इसके बाद 1 अक्टूबर को प्रयागराज ले जाने के लिए गया कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू की गई। अदालत की अनुमति के बाद उसे यूपी ले जाया गया।
2023 से गया जेल में बंद था अरमान
रिपोर्टों के मुताबिक अरमान गया के कठोकर तालाब इलाके का रहने वाला है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद वह गया आया था। यहां एक फायरिंग के मामले में उसने अदालत में सरेंडर किया था, जिसके बाद उसे गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया। वह 27 फरवरी 2023 से जेल में बंद बताया जा रहा है। इसी दौरान प्रयागराज पुलिस उसे उमेश पाल हत्याकांड में तलाश रही थी।
उमेश पाल हत्याकांड में 5 लाख का इनाम
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की हत्या हुई थी। जांच के दौरान अरमान का नाम आरोपी के तौर पर सामने आया और यूपी पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अरमान की भूमिका का दावा किया गया है। इन आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में होना है।
वकील ने भी जताई थी जान को खतरे की आशंका
अरमान के अधिवक्ता ललित कुमार गुप्ता ने भी उसे यूपी ले जाने पर उसकी सुरक्षा को लेकर आशंका जताई थी। बचाव पक्ष की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूछताछ की मांग किए जाने की बात सामने आई थी।
वहीं, मगध रेंज के आईजी विकास वैभव के हवाले से कहा गया है कि प्रशासन न्यायालय के आदेश का पालन कर रहा है और ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया अदालत के आदेश के अनुसार पूरी की गई। अब प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े मामले में अरमान से पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
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