गयाजी। गौतम बुद्ध महिला महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग ने "गुरु-शिष्य परंपरा" विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया, जिसमें भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य संबंधों की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर प्रख्यात वक्ता आचार्य नवीन जी ने भारतीय सांस्कृतिक और दार्शनिक दृष्टिकोण से गुरु के सम्मान पर चर्चा की।
- कार्यक्रम का आयोजन 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में किया गया।
- आचार्य नवीन जी ने गुरु-शिष्य परंपरा के भारतीय सांस्कृतिक एवं दार्शनिक महत्व को विस्तार से बताया।
- माता-पिता और गुरुजनों के प्रति श्रद्धा रखने की बात पर जोर दिया गया।
- इस आयोजन में डॉ सहदेब बाउरी, डॉ जया चौधरी, डॉ पूजा राय, डॉ अमृता कुमारी घोष और डॉ आशुतोष कुमार पांडे सहित कई अन्य फैकल्टीज उपस्थित थे।
- छात्राओं को "रिफ्लेक्शन ऑन वैल्यूज" पाठ्यक्रम के पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
- पाठ्यक्रम में छात्राओं की नियमित उपस्थिति और असाइनमेंट्स की सफलतापूर्वक जमा के आधार पर प्रमाण-पत्र दिए गए।
महत्वपूर्ण निर्देश: विद्यार्थियों को मेहनत से पढ़ाई करने और भारतीय ज्ञान परंपरा का अनुकरण करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान, छात्राओं को जीवन विद्या कोर्स का प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए, प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ सहदेब बाउरी ने उन्हें आगे की पढ़ाई में भी उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
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