गया लाइव डेस्क। पितृपक्ष मेला-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम तेज कर दिया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और देश-विदेश से आने वाले पिंडदानियों की सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने अलग-अलग 21 कोषांगों का गठन किया है। प्रत्येक कोषांग की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के वरीय अधिकारियों को सौंपी गई है। व्यवस्था में आवास, सफाई, पेयजल, सड़क-नाली, स्वास्थ्य, बिजली, परिवहन और विधि-व्यवस्था से लेकर कॉल सेंटर, कंट्रोल रूम, खोया-पाया केंद्र और आपदा प्रबंधन तक को शामिल किया गया है।

आवास और सफाई की कमान वरीय अधिकारियों के हाथ

आवास कोषांग के वरीय नोडल पदाधिकारी की जिम्मेदारी उप विकास आयुक्त, गयाजी को दी गई है। वहीं सफाई व्यवस्था की निगरानी नगर आयुक्त, गयाजी करेंगे। पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता की जिम्मेदारी लोक स्वास्थ्य प्रमंडल (सिविल), गयाजी को दी गई है। इसका उद्देश्य पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं को ठहरने के साथ साफ-सफाई और पर्याप्त पानी की सुविधा उपलब्ध कराना है।

प्रशासन ने सड़क और नाली की मरम्मत के लिए भी अलग कोषांग बनाया है। इसकी जिम्मेदारी रोड डिवीजन नंबर-1 के कार्यपालक अभियंता को दी गई है। मेला क्षेत्र में जर्जर सड़कों, नालियों और आवागमन से जुड़ी समस्याओं पर इसी कोषांग के माध्यम से काम कराया जाएगा।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी विशेष फोकस

पितृपक्ष में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य के लिए अलग कोषांग बनाया गया है। सिविल सर्जन, गयाजी को स्वास्थ्य समिति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मेला क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए इस कोषांग के माध्यम से समन्वय किया जाएगा।

बिजली और रोशनी की व्यवस्था भी रहेगी निगरानी में

मेला क्षेत्र में बिजली और रोशनी की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए विद्युत कार्यपालक अभियंता को जिम्मेदारी दी गई है। श्रद्धालुओं के प्रमुख आवागमन मार्गों और मेला क्षेत्र में रोशनी की व्यवस्था, बिजली से जुड़ी समस्याओं और आवश्यक सुधार पर कोषांग नजर रखेगा।

परिवहन व्यवस्था के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। भीड़ के दौरान वाहनों के संचालन, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन को लेकर इस कोषांग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

सुरक्षा के लिए अलग विधि-व्यवस्था कोषांग

पितृपक्ष मेले में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विधि-व्यवस्था कोषांग का भी गठन किया गया है। इसकी जिम्मेदारी नगर पुलिस अधीक्षक, गयाजी को दी गई है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस-प्रशासन के बीच समन्वय इस व्यवस्था का अहम हिस्सा होगा।

कॉल सेंटर से मिलेगी जानकारी, खोया-पाया केंद्र भी सक्रिय

श्रद्धालुओं की समस्याओं और सूचनाओं के लिए कॉल सेंटर की व्यवस्था की गई है। इसकी जिम्मेदारी सहायक कलेक्टर, गयाजी को दी गई है। वहीं लॉस्ट एंड फाउंड हेल्प डेस्क भी बनाया गया है। इसके माध्यम से मेले के दौरान परिजनों से बिछड़ने वाले लोगों, बच्चों और खोए सामान से जुड़ी समस्याओं में मदद उपलब्ध कराने की व्यवस्था रहेगी।

कंट्रोल रूम से होगी व्यवस्थाओं की निगरानी

प्रशासन ने सूचना केंद्र और कंट्रोल रूम के लिए भी अलग कोषांग गठित किया है। इसकी जिम्मेदारी अपर समाहर्ता, गयाजी को दी गई है। मेला क्षेत्र में अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय, सूचनाओं के आदान-प्रदान और महत्वपूर्ण घटनाओं की निगरानी में कंट्रोल रूम की भूमिका अहम होगी।

स्थापना समन्वय के लिए भी अलग कोषांग बनाया गया है। इसकी जिम्मेदारी भी अपर समाहर्ता को सौंपी गई है, ताकि मेला अवधि में तैनात विभिन्न विभागों और कर्मियों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे।

भोजन और स्मारिका-प्रचार की भी व्यवस्था

श्रद्धालुओं के लिए खाद्य आपूर्ति से जुड़े कार्यों की निगरानी के लिए खाद्य आपूर्ति समिति गठित की गई है। इसके नोडल पदाधिकारी अपर समाहर्ता होंगे। वहीं स्मारिका और विज्ञापन समिति की जिम्मेदारी भी अपर समाहर्ता को दी गई है।

मेला से संबंधित आमंत्रण कार्ड तैयार करने और संबंधित कार्यों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। इसका जिम्मा अपर समाहर्ता को सौंपा गया है।

आपदा प्रबंधन के लिए भी तैयार रहेगा प्रशासन

पितृपक्ष मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने को देखते हुए आपदा प्रबंधन को भी अलग कोषांग के दायरे में रखा गया है। अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। किसी प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में त्वरित समन्वय और राहत कार्य इस कोषांग के माध्यम से संचालित किए जाएंगे।

आईडी कार्ड और संचार व्यवस्था की जिम्मेदारी तय

मेले में तैनात अधिकारियों, कर्मियों और अन्य संबंधित लोगों के पहचान पत्र से जुड़े कार्यों के लिए अपर जिला दंडाधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं संचार व्यवस्था के लिए अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसका उद्देश्य मेला अवधि में प्रशासनिक संचार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।

धर्मस्थलों के लिए अलग-अलग कोषांग

पितृपक्ष कर्मकांड से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को लेकर भी प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। धर्मारण्य, मातंगवापी, सरस्वती वेदी और बोधगया सेल की जिम्मेदारी अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) को दी गई है। वहीं प्रेतशिला पहाड़ी के लिए उप विकास आयुक्त को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इन विशेष कोषांगों का गठन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालु गयाजी के प्रमुख पिंडदान स्थलों के साथ इन धार्मिक स्थलों पर भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

एक नजर में 21 कोषांग और जिम्मेदार अधिकारी

प्रशासन की ओर से गठित व्यवस्था में आवास, सफाई, जलापूर्ति एवं स्वच्छता, सड़क-नाली मरम्मत, स्वास्थ्य, बिजली-रोशनी, परिवहन और विधि-व्यवस्था प्रमुख कोषांग हैं। इसके अलावा कॉल सेंटर, खाद्य आपूर्ति, स्मारिका एवं विज्ञापन, सूचना केंद्र-कंट्रोल रूम, खोया-पाया हेल्प डेस्क, सांस्कृतिक कार्यक्रम, आमंत्रण कार्ड, आपदा प्रबंधन, पहचान पत्र, स्थापना समन्वय, संचार सेल और प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं।

इससे मेला व्यवस्था को एक ही स्तर पर संचालित करने के बजाय अलग-अलग विभागों में बांटकर जिम्मेदारी तय की गई है। प्रशासन का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की समस्या होने पर संबंधित कोषांग तक तुरंत बात पहुंच सके और उसका समाधान कराया जा सके।

श्रद्धालुओं की सुविधा पर प्रशासन का पूरा जोर

पितृपक्ष मेला गयाजी के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण आयोजन है। देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के लिए इस बार व्यवस्था को कई स्तरों पर बांटा गया है। आवास से लेकर भोजन तक, सड़क से लेकर बिजली तक और स्वास्थ्य से लेकर सुरक्षा तक—हर प्रमुख व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारी तय कर दिए गए हैं।

21 कोषांगों के गठन के साथ प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि मेला अवधि में किसी भी व्यवस्था को अनदेखा नहीं छोड़ा जाएगा। अब इन कोषांगों के माध्यम से जमीनी स्तर पर तैयारियों को गति देना और समय रहते कमियों को दूर करना अगली बड़ी चुनौती होगी।

 

क्र. कोषांग जिम्मेदार अधिकारी मोबाइल नंबर
1 आवास (Accommodation) उप विकास आयुक्त, गयाजी 9031071465
2 सफाई समिति नगर आयुक्त, गयाजी 8544144311
3 जलापूर्ति एवं स्वच्छता कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल (सिविल), गयाजी 7352810860
4 सड़क एवं नाली मरम्मत कार्यपालक अभियंता, रोड डिवीजन नंबर-1, गयाजी 9470001282
5 स्वास्थ्य समिति सिविल सर्जन, गयाजी 9470003278
6 बिजली एवं रोशनी विद्युत कार्यपालक अभियंता, गयाजी 9262390712
7 परिवहन समिति जिला परिवहन पदाधिकारी, गयाजी 9031826205
8 विधि-व्यवस्था समिति नगर पुलिस अधीक्षक, गयाजी 9031826205
9 कॉल सेंटर सहायक कलेक्टर, गयाजी 8384988225
10 खाद्य आपूर्ति समिति अपर समाहर्ता, गयाजी 9473191245
11 स्मारिका/विज्ञापन समिति अपर समाहर्ता, गयाजी 9473191245
12 सूचना केंद्र एवं कंट्रोल रूम अपर समाहर्ता, गयाजी 9473191245
13 खोया-पाया हेल्प डेस्क सहायक कलेक्टर, गयाजी 8384988225
14 सांस्कृतिक कार्यक्रम उप विकास आयुक्त, गयाजी 9031071465
15 आमंत्रण कार्ड अपर समाहर्ता, गयाजी 9473191245
16 आपदा प्रबंधन अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), गयाजी 8789396142
17 पहचान पत्र (आईडी कार्ड) अपर जिला दंडाधिकारी, गयाजी 9304016388
18 स्थापना समन्वय अपर समाहर्ता, गयाजी 9473191245
19 संचार सेल अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), गयाजी 9771226543
20 धर्मारण्य, मातंगवापी, सरस्वती वेदी एवं बोधगया सेल अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था), गयाजी 9304016388
21 प्रेतशिला पहाड़ी उप विकास आयुक्त, गयाजी 9031071465