गयाजी। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) ने मंगलवार को अपना 9वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। इस अवसर पर वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और देश के अंतिम व्यक्ति तक सरल, सुरक्षित एवं सुलभ बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

‘आपका बैंक, आपके द्वार’ के साथ शुरू हुआ सफर

आईपीपीबी की स्थापना 1 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ के मूल मंत्र के साथ की थी। डाकघरों और डाकियों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से बैंक ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

13.25 करोड़ खाते खोलने का दावा

कार्यक्रम में बताया गया कि आईपीपीबी अब तक 13.25 करोड़ खाते खोल चुका है। इनमें 77 प्रतिशत खाते ग्रामीण क्षेत्रों के हैं, जबकि 49 प्रतिशत खाताधारक महिलाएं हैं। पीएम-किसान योजना में बैंक की बाजार हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से अधिक बताई गई।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंक के माध्यम से 2,436 करोड़ डिजिटल लेन-देन दर्ज किए गए। अधिकारियों ने इसे देश में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की बढ़ती पहुंच का महत्वपूर्ण संकेत बताया।

डोरस्टेप बैंकिंग से डिजिटल भुगतान तक सेवाओं का विस्तार

बैंक के प्रबंधक ने कहा कि डोरस्टेप बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, डीबीटी, वित्तीय साक्षरता और महिला सशक्तीकरण के माध्यम से वित्तीय समावेशन को लगातार मजबूत किया जा रहा है। स्थापना दिवस पर ग्राहक जागरूकता शिविर, वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम और खाता खोलने के अभियान भी चलाए गए।

कार्यक्रम में प्रवर डाक अधीक्षक अंशुमान, एसआरएम सी डिवीजन अरविंद कुमार केशरी, उप डाक अधीक्षक किशोर कुमार, प्रधान डाकपाल मुकेश कुमार लस्कर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। आईपीपीबी की ओर से वरिष्ठ प्रबंधक अमित कुमार, प्रबंधक राहुल कुमार पंडित, कार्यकारी सचिन कुमार सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैंक ने भविष्य में भी डिजिटल भुगतान, बीमा और ऋण सेवाओं को सरल बनाकर बैंकिंग सुविधाएं हर नागरिक तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।