गया लाइव डेस्क। बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा, जिला इकाई गया के तत्वावधान में रविवार को एक रोड मार्च का आयोजन किया गया। इस मार्च का उद्देश्य राज्यकर्मी का दर्जा प्राप्त करने और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नोडल विभाग घोषित करने की मांगों का समर्थन करना था।

  • रोड मार्च का आयोजन दोपहर 12 बजे अंबेडकर पार्क, गया से किया गया, जो टावर चौक तक पहुंचा।
  • मार्च में बेल्ट्रॉन के माध्यम से कार्यरत सैकड़ों डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर एवं आईटी कर्मियों ने भाग लिया।
  • महिला कर्मियों की भी इस मार्च में बड़ी भागीदारी रही।
  • कर्मियों ने राज्यकर्मी का दर्जा देने और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नोडल विभाग घोषित करने की मांग की।

संयुक्त मोर्चा के सदस्य परमानंद कुमार ने कहा कि बेल्ट्रॉन कर्मियों ने अपने जीवन का बहुमूल्य समय सरकार की सेवा में समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि कई कर्मियों की उम्र सेवा के निर्धारित अवसरों की सीमा के करीब पहुंच चुकी है, और ऐसे में सरकार को उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए।

संयुक्त मोर्चा के सदस्य गुलशन कुमार ने बताया कि 1997 से ये कर्मी सरकारी कार्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 29 वर्षों की सेवा के बावजूद कई कर्मियों को बिना सेवानिवृत्ति लाभ के सेवा से अलग होना पड़ा है। सरकारी कार्यालयों में डाटा एंट्री, टाइपिंग, स्कैनिंग एवं ऑनलाइन कार्यों का निष्पादन इन्हीं कर्मियों के माध्यम से होता है, फिर भी इन्हें स्थायी सेवा से वंचित रखा गया है।

अमोद कुमार ने कहा कि पिछले 29 वर्षों से बेल्ट्रॉन कर्मियों से संविदा और आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य लिया जा रहा है, लेकिन अब तक उनके लिए स्पष्ट सेवा शर्तें निर्धारित नहीं की गई हैं।

संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो हड़ताल और चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

इस रोड मार्च के माध्यम से कर्मियों ने सरकार से अपनी लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल करने की अपील की। उनका कहना है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे व्यापक आंदोलन करने को विवश होंगे।