गया लाइव डेस्क। आईआईएम बोधगया में आयोजित 'वार्तालाप' कार्यशाला में गुरुवार को नशा मुक्त भारत के निर्माण में मीडिया की भूमिका पर जोर दिया गया। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), पटना द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में विशेषज्ञों ने नशा मुक्ति के लिए रोकथाम, उपचार और पुनर्वास को महत्वपूर्ण बताया।

  • कार्यशाला का आयोजन आईआईएम बोधगया में किया गया, जिसमें गया जिले के पत्रकार शामिल हुए।
  • मुख्य अतिथि के रूप में आईआईएम बोधगया की निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय और अति विशिष्ट अतिथि मगध रेंज के आईजी विकास वैभव उपस्थित थे।
  • नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधीक्षक एस. सफीक ओमर और यूनिसेफ की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रेरणा कौल ने भी अपने विचार साझा किए।
  • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत पर बल दिया गया।
  • मीडिया से नशे से संबंधित खबरों में संवेदनशील और जिम्मेदार भाषा के इस्तेमाल की अपील की गई।

कार्यशाला में यह भी सलाह दी गई कि मीडिया को नशा मुक्त भारत अभियान में जागरूकता फैलाने और सकारात्मक जीवन मूल्यों को प्रोत्साहित करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने बताया कि नशे की रोकथाम के लिए परिवार, प्रशासन, शैक्षणिक संस्थान और मीडिया के बीच समन्वय आवश्यक है। पीआईबी पटना के उप निदेशक लौकिक पारख ने कहा कि 'वार्तालाप' का उद्देश्य पत्रकारों और विशेषज्ञों के बीच संवाद बढ़ाना है।

इस कार्यशाला ने नशा मुक्त भारत के लिए एक नई दिशा देने और इस दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को उजागर किया। मीडिया की सक्रिय भागीदारी से नशा मुक्त भारत का सपना साकार हो सकता है।