गया लाइव डेस्क। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गया जिले के खिजरसराय प्रखंड में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला विकास निगम एवं कवच परियोजना (Centre DIRECT) के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रखंडों की आंगनवाड़ी पर्यवेक्षिकाओं ने भाग लिया।

  • कार्यक्रम का आयोजन खिजरसराय प्रखंड कार्यालय के सभागार में किया गया।
  • नीमचक बथानी, खिजरसराय, अतरी और मोहड़ा प्रखंडों की आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं ने हिस्सा लिया।
  • महिला विकास निगम की जिला परियोजना प्रबंधक जयवंती सिन्हा, जेंडर स्पेशलिस्ट विशाल कुमार वर्मा, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी मोना कुमारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी पूजा गहलौत कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
  • प्रशिक्षण में बाल संरक्षण, बच्चों के अधिकार, बाल विवाह के दुष्परिणाम एवं रोकथाम में आंगनवाड़ी सेविकाओं की भूमिका पर जानकारी दी गई।
  • समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
  • जागरूकता अभियान के तहत जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
  • ये रथ खिजरसराय, नीमचक बथानी, अतरी एवं मोहड़ा प्रखंड की पंचायतों में बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों और बेटियों की शिक्षा के महत्व पर जागरूकता फैलाएंगे।

महत्वपूर्ण निर्देश: बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत रहें और इसकी रोकथाम के लिए समाज में जागरूकता फैलाएं।

महिला एवं बाल विकास निगम के अंतर्गत संचालित बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और कवच परियोजना के माध्यम से चलाया जा रहा यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता पैदा करने और बच्चों के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।